श्री भारद्वाज रचमदुगु बने साई सिल्क्स (कलामंदिर) लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी
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हैदराबाद (तेलंगाना), 16 मई:साई सिल्क्स (कलामंदिर) लिमिटेड (SSKL) ने श्री भारद्वाज रचमदुगु को मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने की घोषणा की है। पिछले कई वर्षों में कंपनी के विकास और वृद्धि में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए यह नियुक्ति की गई है।
श्री भारद्वाज ने संगठन के कई महत्वपूर्ण रणनीतिक पहलों के साथ जुड़े रह कर कंपनी को विकास पथ पर अग्रसर किया है। उन्होंने ग्रुप के ई-कॉमर्स क्षेत्र का विकास, परिचालन सुदृढ़ीकरण, विस्तार योजना और अंतर-विभागीय कार्यान्वयन में भी एहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने कंपनी के IPO सफ़र में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हुएआंतरिक और बाहरी टीमों के साथ समन्वय से SSKLको नए बाजारों और क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ाने में मदद की है।
इस नियुक्ति पर अपने विचार साझा करते हुए SSKLके संस्थापक और प्रबंध निदेशक श्री प्रसाद चालवाड़ी ने कहा:
“कुछ सफ़रसे हमें गौरव का एहसास का होता है, इसलिए नहींक्योंकि हमने कोई बड़ी उपलब्धि हासिल की हैबल्कि इसलिए कि हमने इस उपलब्धि को पाने के लिए बड़ी जिम्मेदारी निभाई है। वर्षों से, भारद्वाज ने संगठन के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दिखाई है।महत्वपूर्ण मौकोंपर शांत रहकर टीम का नेतृत्व किया है, साथ ही वे टीमों को स्पष्टता और तेजी के साथ कार्य पूरा करने के लिए एकजुट करने की क्षमता भी रखते हैं। मुझे प्रसन्नता है कि वे अब CEO के रूप में कार्यभार संभालेंगे।”
कंपनी अपने भीतर ही लीडरों को पोषित करने की मान्यता में विश्वास रखती है ताकि विश्वास, प्रणालियों और निरंतरता के माध्यम से संगठन को लंबे समय तकमजबूत बनाए रखा जा सके।
SSKL अपने विस्तार के सफ़र को जारी रखते हुए, इस नई लीडरशिप संरचना के तहत प्रौद्योगिकी को अपनाने, परिचालन चपलता, ग्राहक अनुभव और खुदरा निष्पादन को अधिक मजबूत बनाने का लक्ष्य रखती है।
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नई दिल्ली, सितम्बर 20: भारत में छात्र आत्महत्या के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। जितने भारत में टॉपर्स निकल रहे हैं, उससे 10 गुना ज्यादा बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं। सिर्फ 10वीं-12वीं या कॉलेज के बच्चों के ही नहीं, बल्कि इससे भी ज्यादा कक्षा 4 से लेकर कक्षा 9 तक के बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं। इसका जिम्मेदार कौन है? माता-पिता, स्कूल या खुद बच्चे? इसी विषय पर हमारी बातचीत BIYZEN Youth Services के डायरेक्टर श्री अमनदीप से हुई।अमनदीप ने इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से समझाया।उन्होंने बताया कि भारत आधुनिकता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, और इस बदलाव के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार के प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। हर इंसान को तनाव का सामना करना पड़ता है, चाहे वह 8 साल का बच्चा हो या 60 साल का वयस्क। पिछले दो दशकों में मानसिक सहनशीलता की कमी के कारण कई बदलाव हुए हैं, जिससे तनाव और आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। BIYZEN Youth Services हजारों बच्चों को आत्महत्या से बचा चुका है और उन्हें अपनी सेवाएं प्रदान कर चुका है। उनकी Stress Reliever Shield बच्चों को तनाव और आत्महत्या से बचाती है, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन के मूल्यों को समझना आसान हो जाता है। अमनदीप ने बताया कि जब वह किसी माता-पिता से बात करते हैं, तो सभी यही कहते हैं कि “हमारे बच्चों को किसी प्रकार का तनाव नहीं है।” लेकिन जब उन्हें यह बताया जाता है कि जिन बच्चों ने आत्महत्या की, उनके माता पिता का भी यही जवाब था, तब उन्हें समझ आता है कि किसी की मानसिक स्थिति को बिना काउंसलिंग के समझा नहीं जा सकता, क्योंकि तनाव बताकर नहीं आता। स्कूलों में इस सेवा को देने पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिलती हैं। अमनदीप ने बताया कि जब वह स्कूलों में जाकर अपनी सेवाएं बच्चों को देने की कोशिश करते हैं, तो कुछ स्कूल इसे मुफ्त में भी बच्चों तक नहीं पहुँचने देते। दुःख की बात तो यह है कि जिन स्कूलों के बच्चे आत्महत्या कर चुके होते हैं, वे भी माता-पिता को दोषी ठहराकर बच्चों तक यह सेवा नहीं पहुँचने देते। कुछ स्कूल इस सेवा का शुल्क बहुत अधिक बताकर मना कर देते हैं, तो कुछ यह कहकर मना करते हैं कि “हमारे बच्चों को इसकी जरूरत नहीं है, बाद में आना।” हालांकि, कई अच्छे स्कूल अपने बच्चों को यह सेवा देने के लिए खुद हमें बुलाते हैं और पूरा सहयोग करते हैं, क्योंकि उनके लिए बच्चों की ज़िंदगी सबसे ज़रूरी होती है। अमनदीप ने बताया कि कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक हर बच्चे को तनाव-राहत काउंसलिंग मिलनी चाहिए, ताकि बच्चों में सकारात्मकता लाई जा सके और जब भी नकारात्मकता या तनाव आए, उसे तुरंत दूर किया जा सके। सिर्फ स्कूल में काउंसलर उपलब्ध होना काफी नहीं है, 24×7 सपोर्ट भी जरूरी है। कई स्कूल और माता-पिता अब इसे समझ रहे हैं, और कई स्कूल व माता-पिता अपने बच्चों को खोने के बाद इसे समझ रहे हैं। BIYZEN Youth Services 105 रुपए प्रतिमाह से भी कम मेंयह सेवा दे रहा है, जिसमें बच्चों को 24×7 कवर मिलता है, जो कि एक मोबाइल रिचार्ज से भी कम कीमत में देतेहै। जो ऑनलाइन जाकर स्वयंकोई भी ले सकते है www.biyzen.com से BIYZEN YOUTH SERVICES ने 30 हजार लोगों तक पहुँचाई स्ट्रेस रिलीवर सपोर्ट सैकड़ों बच्चो को आत्महत्या से बचाया BIYZEN Youth Services Pvt Ltd. ने 30 हजार से अधिक बच्चों और युवाओं तक अपनी स्ट्रेस रिलीवर सपोर्ट सेवा पहुंचाई है।स्कूल और इन्सटिट्यूट को जोड़ा इस सेवा के अंतर्गत अनुभवी काउंसलर्स द्वारा बच्चों की काउंसलिंग दी गई, जिससे उन्हें तनाव मुक्त जीवन जीने में मदद मिली है। इन सेवाओं के माध्यम से BIYZEN ने कई बच्चों को आत्महत्या जैसी गंभीर स्थितियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आवेदन कैसे करें? BIYZEN की सेवाओं का लाभ उठाने के लिए बहुत ही सरल प्रक्रिया है। कोई भी छात्र, माता-पिता या स्कूल निम्नलिखित तरीकों से आवेदन कर सकते हैं: – BIYZEN की वेबसाइट पर जाएं: [www.biyzen.com](http://www.biyzen.com) – ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें: वेबसाइट पर उपलब्ध नामांकन और स्कूल भागीदारी फॉर्म के माध्यम से। – कार्ड सेवा के लिए आवेदन करें: ‘Student Stress Reliever Shield’ कार्ड प्राप्त करने के लिए वेबसाइट पर फॉर्म भरें या नजदीकी BIYZEN सेंटर से संपर्क करें। BIYZEN का लक्ष्य है कि हर बच्चा तनाव मुक्त और खुशहाल जीवन जिए। अब तक की सफलता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और आने वाले वर्षों में इस सेवा को और भी अधिक <p>The post बच्चो की आत्महत्या […]
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