पश्चिमी चंपारण (बिहार), फरवरी 18: ग्राम तरकुलवा, पोस्ट बेलवा मोड़, प्रखंड बगहा, जिला पश्चिमी चंपारण (बिहार) में श्री सीताराम हनुमत् सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित “श्री हनुमच्छिव दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव” दिनांक 4 फरवरी 2026 से 7 फरवरी 2026 तक अत्यंत भव्य, दिव्य एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस महोत्सव में श्री हनुमान जी, […]
नेशनल
श्री हनुमच्छिव दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से सम्पन्न
पश्चिमी चंपारण (बिहार), फरवरी 18: ग्राम तरकुलवा, पोस्ट बेलवा मोड़, प्रखंड बगहा, जिला पश्चिमी चंपारण (बिहार) में श्री सीताराम हनुमत् सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित “श्री हनुमच्छिव दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव” दिनांक 4 फरवरी 2026 से 7 फरवरी 2026 तक अत्यंत भव्य, दिव्य एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस महोत्सव में श्री हनुमान जी, […]
इतिहास से भविष्य तक: हरि चंदना आईएएस की विरासत संरक्षण यात्रा
हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 17: उस्मानिया विश्वविद्यालय प्रशासन और हैदराबाद मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) के सहयोग से, परिसर में स्थित अतीत की एक भूली हुई धरोहर — मह लका बाई बावड़ी — आज दशकों की उपेक्षा के बाद पुनर्जीवित होकर फिर से अपने वैभव में खड़ी है। कभी मलबे से भरी और समय की धूल में […]
प्रशांत मिश्रा: उद्योग नेतृत्व से शिव साधना की ओर — अनेक सफल उपक्रमों की प्रेरक यात्रा
नई दिल्ली, फरवरी 11: हर सफल उद्योगपति के पास उपलब्धियों की सूची होती है, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनकी पहचान केवल उनके व्यवसाय से नहीं, बल्कि उनके मूल्यों और सेवा भाव से बनती है। प्रशांत मिश्रा उन्हीं चुनिंदा नामों में शामिल हैं, जिन्होंने आध्यात्मिक चेतना और उद्यमिता को एक साथ जोड़कर सफलता की नई परिभाषा गढ़ी […]
भूली-बिसरी विरासत में नई जान: हरि चंदना आईएएस की दृष्टि
हैदराबाद (तेलंगाना), फरवरी 09: हैदराबाद के ऐतिहासिक उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर में स्थित अतीत की एक भूली हुई धरोहर — मह लका बाई बावड़ी — आज दशकों की उपेक्षा के बाद पुनर्जीवित होकर फिर से अपने वैभव में खड़ी है। कभी मलबे से भरी और समय की धूल में खोई यह 18वीं सदी की संरचना अब सावधानीपूर्वक संरक्षण और पारिस्थितिक पुनर्जीवन के माध्यम से एक जीवंत विरासत स्थल में बदल चुकी है। इस पुनरुत्थान के केंद्र में हैं हरि चंदना आईएएस, जिनकी प्रशासनिक सोच निरंतर स्थिरता, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता को जोड़ती रही है। यह बावड़ी का पुनर्जीवन कोई एकल उपलब्धि नहीं, बल्कि तेलंगाना भर में विरासत संरक्षण की उस निरंतर परंपरा का हिस्सा है, जिसे उन्होंने नेतृत्व प्रदान किया है। इस नवजागरण के केंद्र में वही अधिकारी हैं, जिनकी प्रशासनिक यात्रा ने तेलंगाना में उपेक्षित स्थानों को जीवंत सार्वजनिक संपत्तियों में बदला है। शहर की विरासत: जीएचएमसी के वर्ष जिला प्रशासन में आने से पहले, हरि चंदना आईएएस ने ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) में ज़ोनल कमिश्नर के रूप में हैदराबाद के शहरी परिदृश्य को आकार दिया — जहाँ स्थिरता और विरासत संरक्षण दैनिक शासन के मूल तत्व बने। इस दौर की सबसे प्रतीकात्मक विरासत बहाली में से एक थी बांसिलालपेट बावड़ी — हैदराबाद के पुराने शहर में स्थित 17वीं सदी की बावड़ी, जो दशकों तक कचरे और उपेक्षा में दबी रही थी। इस बहाली ने एक कचरे से भरे गड्ढे को मनमोहक विरासत स्थल में बदल दिया — प्राचीन पत्थर की सीढ़ियाँ फिर खुलीं, पारंपरिक स्थापत्य बहाल हुआ और बावड़ी को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सार्वजनिक जीवन में लौटाया गया। यह उस समय GHMC में आए व्यापक बदलाव को भी दर्शाता था: ऐतिहासिक सार्वजनिक स्थलों की पुनर्प्राप्ति पारंपरिक जल संरचनाओं का पुनर्जीवन शहरी विकास में स्थिरता का समावेश यही शहरी विरासत जागरण आगे चलकर नारायणपेट जिले में नेतृत्व किए गए व्यापक बावड़ी पुनर्जीवन आंदोलन की नींव बना। नारायणपेट में जिला-स्तरीय विरासत जागरण नारायणपेट की कलेक्टर बनने पर उनकी सोच का पूर्ण रूप सामने आया — एक ऐसा क्षेत्र जो ऐतिहासिक बावड़ियों से समृद्ध था, पर लंबे समय से उपेक्षित रहा। बाराम बावड़ी — जहाँ से पुनर्जीवन की शुरुआत हुई पहली बड़ी सफलताओं में से एक थी बाराम बावड़ी, जो सदियों पुरानी होते हुए भी कचरे और उपेक्षा में दबी हुई थी। उनके नेतृत्व में: मलबा हटाया गया मूल पत्थर संरचना का संरक्षण किया गया सामुदायिक स्वामित्व को पुनर्स्थापित किया गया परिणाम असाधारण रहे — त्योहार लौटे, परिवार जुटने लगे और बावड़ी ने फिर से जल स्रोत और सामाजिक केंद्र की अपनी भूमिका हासिल की। यह केवल बहाली नहीं थी। यह सार्वजनिक जीवन में पुनर्जन्म था। प्राचीन बावड़ियों के भूले हुए नेटवर्क की पुनः खोज बाराम बावड़ी के पुनर्जीवन ने एक व्यापक पहल को जन्म दिया। हरि चंदना ने नारायणपेट जिले में दर्जनों प्राचीन बावड़ियों के दस्तावेज़ीकरण और चरणबद्ध पुनर्स्थापन की शुरुआत की — जिनमें से कई पीढ़ियों से ओझल थीं। ये केवल सौंदर्यात्मक सफाई अभियान नहीं थे। इनका फोकस था: पारंपरिक संरक्षण तकनीकें भूजल पुनर्भरण सामुदायिक संरक्षकता दीर्घकालिक स्थिरता धीरे-धीरे, पूरा जिला अपनी भूली हुई जल विरासत से फिर जुड़ गया — वे संरचनाएँ, जो सदियों पहले सूखे से लड़ने के लिए बनाई गई थीं, आज जलवायु लचीलापन बढ़ाने में सहायक बन रही हैं। वैश्विक विरासत मूल्यों के अनुरूप स्थानीय नेतृत्व बावड़ियों का महत्व यूनेस्को द्वारा वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है, जो पारंपरिक जल प्रणालियों को जलवायु-अनुकूल इंजीनियरिंग और सांस्कृतिक वास्तुकला की उत्कृष्ट कृतियाँ मानता है। भारत में यूनेस्को-सम्मानित स्थलों से यह स्पष्ट होता है कि बावड़ियाँ थीं: पर्यावरणीय अवसंरचना […]
भगवान विश्वकर्मा जयंती पर श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हितेश विश्वकर्मा जी ने दी शुभकामनाएं
नई दिल्ली, 31 जनवरी: भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री हितेश विश्वकर्मा जी ने समस्त देशवासियों, विश्वकर्मा समाज एवं श्रमशील वर्ग को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में श्री हितेश विश्वकर्मा जी ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा जी सृजन, तकनीक, श्रम और आत्मनिर्भरता के प्रतीक […]
डेमोक्रेटिक संघ की चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल हुईं आईएएस हरि चंदना
हैदराबाद (तेलंगाना), जनवरी 29: लोकतांत्रिक मूल्यों को मज़बूती देने और नागरिकों की भागीदारी को सशक्त बनाने के लिए कार्यरत सामाजिक सुधार संगठन डेमोक्रेटिक संघ ने आईएएस अधिकारी श्रीमती हरि चंदना को अपनी प्रतिष्ठित चेंज मेकर्स लिस्ट 2025 में शामिल किया है। यह सम्मान उन्हें नागरिक-केंद्रित प्रशासन, सार्वजनिक नवाचार और समावेशी शासन व्यवस्था को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के […]
गौ माता की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई नई पीआईएल, धारा 377 हटने पर उठाए सवाल
– श्री बजरंग सेना ने गौ सुरक्षा के लिए उठाई आवाज सूरत/नई दिल्ली. हिंदूवादी संगठन श्री बजरंग सेना के ने गौ-सम्बंधित अत्याचारों पर सख्त दंड की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विशाल सिंह चंदेल द्वारा प्रस्तुत की गई। याचिका में कहा गया […]
गौ माता की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई नई पीआईएल, धारा 377 हटने पर उठाए सवाल
सूरत (गुजरात) [भारत], जनवरी 16: हिंदूवादी संगठन श्री बजरंग सेना ने गौ-सम्बंधित अत्याचारों पर सख्त दंड की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विशाल सिंह चंदेल द्वारा प्रस्तुत की गई। श्री बजरंग सेना ने गौ सुरक्षा के लिए उठाई आवाज याचिका में […]
निशाद समुदाय ने 13वाँ संकल्प दिवस मनाया – सशक्तिकरण और विकास की नई दिशा
लखनऊ (उत्तर प्रदेश), जनवरी 15: निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निशाद पार्टी) के 13वें संकल्प दिवस के अवसर पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर सभागार, राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर देश और प्रदेश के कई सम्मानित नेताओं ने भाग लिया और निशाद समुदाय की बढ़ती भूमिका […]









